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मोहनजो दरो से मेलूहा वाया बाहुबली

मोहनजो दरो अमरी गांव के एक युवक और मगरमच्‍छ के बीच होने से टकराव से शुरू होती है। अमरी का युवा श्‍रमन गांव वालों के लिए नायक है, जैसे बाहुबली का शिवा, मुट्ठी भर लोगों के लिए। एक सपना श्‍रमन को एक अनजान शहर की तरफ खींचता है, जैसे पर्वत की ऊंचाई शिवा को।

श्‍रमन का पालन पोषण श्‍रमन के चाचा चाची करते हैं, तो शिवा का पालन पोषण भी उनके माता पिता द्वारा नहीं होता। दोनों अभिभावकों की जिद्द के विपरीत अपने सपनों के शहर जाने के लिए उत्‍सुक होते हैं। दोनों का युद्ध एक करूर राजा या प्रधान से होता है।