Posts

Showing posts with the label Political

एक वोटर के सवाल एक पीएम प्रत्याशी से

Image
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सत्ता संभालने के लिए आतुर हैं, राजनेता हैं आतुर होना स्वभाविक है, जीवन में प्रगति किसे पसंद नहीं, खासकर तब जब बात देश के सर्वोच्च पदों में से किसी एक पर बैठने की। एक राजनेता के रूप में मेरी शुभइच्छाएं आपके साथ हैं, लेकिन अगर आप स्वयं को स्वच्छ घोषित करते हैं, देश को एक सूत्र में पिरोने की बात करते हैं, स्वयं को दूसरी राजनीतिक पार्टियों के नेतायों से अलग खड़ा करने की कोशिश करते हैं तो एक वोटर के रूप में आप से कुछ सवाल पूछ सकता हूं, सार्वजनिक इसलिए पूछ रहा हूं क्यूंकि वोटर सार्वजनिक है, हालांकि वो वोट आज भी गुप्त रूप में करता है।

पहली बात, आप अपना पूरा दांव युवा पीढ़ी पर खेल रहे हैं। जिनको अभी अभी वोट करने का अधिकार मिला है, या कुछेक को कुछ साल पहले। जहां तक मुझे याद है यह अधिकार दिलाने में कांग्रेस के युवा व स्वर्गीय प्रधान मंत्री राजीव गांधी का बड़ा रोल रहा है, युवा इसलिए, उनकी सोच एक युवा की थी, जो कुछ करना चाहता था, देश के युवायों के लिए। दूसरी बात, मैं जो सवाल आप से सार्वजनिक रूप में पूछने जा रहा हूं, यह भी उस महान व्यक्तित्व …

अखिलेश दुर्गा ले लेगी तेरी जान, तू लिखके ले ले

Image
युवा पीढ़ी आमने सामने है। एक तरफ युवा आईएएस अधिकारी तो दूसरी तरफ युवा मुख्‍यमंत्री। एक महिला वर्ग का नेतृत्‍व कर रहा है तो दूसरा पुरुष वर्ग का। एक ने कड़ी मुश्‍क्‍कत के बाद पद हासिल किया तो एक को पिता से विरासत में मिली गद्दी।
 जी हां, उत्‍तर प्रदेश के युवा मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव को पिता की ओर से विरासत में गद्दी मिली है, हालांकि दुर्गा शक्‍ति नागपाल के साथ ऐसा नहीं हुआ। आईएएस के इम्‍तिहानों को पास करना कोई बच्‍चों का खेल नहीं, खासकर नेताओं का तो बिल्‍कुल नहीं।
अखिलेश यादव ने जब आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्‍ति नागपाल को निलंबित करने के मामले को सही ठहराते हुए सफाई दी, तब शायद उनको याद भी नहीं आया कि यूपी के रामपुर में एक मदरसा गिराया गया है, वहां पर भी स्‍थिति बिगड़ सकती थी, लेकिन वहां तो कोई इस तरह की कार्रवाई नहीं हुई। यह बात तब सामने आई, जब फिल्‍म अभिनेत्री से राजनेता बनीं, जयप्रदा ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए पूछा कि क्या मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को यह पता नहीं है कि रामपुर में 23 जुलाई को एक मदरसा तोड़ दिया गया था? इससे भी तो माहौल खराब हो सकता था? फिर रामपुर में किसी के खिलाफ…