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प्रेम कहानी से सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक

एक लड़का व लड़की कहीं पैदल जा रहे थे। तभी लड़के की टांग पत्‍थर से टकराई और रक्‍त बहने लगा, लड़के ने मदद की आस लगाते हुए लड़की की तरफ देखा कि शायद वह अपना दुपट्टा फाड़ेगी और उसकी टांग पर बांधेगी। लड़की ने उसकी आंखों में देखते हुए तुरंत बोला, सोचना भी मत, डिजाइनर सूट है।
यह कहानी जो अपने आप में बहुत कुछ कहती है, मेरे एक दोस्‍त ने आज सुबह फेसबुक पर सांझी की। इस कहानी को पढ़ने व केमेंट्स करने के बाद, कुछ और सर्च करने निकल पड़ा, तभी मेरी निगाह एक बड़ी खबर पर पड़ी, जिसका शीर्षक था, आज से शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार।
सच में कितना प्‍यारा शीर्षक है, वैसा ही जैसे उस लड़के का अपनी प्रेमिका से मदद की उम्‍मीद लगाना, जो उसके साथ हुआ वह तो हम कहानी में पढ़ चुके हैं, जो अब सुप्रीम अदालत के फैसले का साथ हमारे शैक्षणिक संस्‍थान चलाने वाले करेंगे वह भी कुछ ऐसा ही होगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहतरीन फैसला सुनाया है, मगर इस फैसले का कितना पालन पोषण किया जाएगा, इसका कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। 
लेकिन एक उम्‍मीद जरूर है, आज प्रिंट मीडिया के कुछ जागरूक लोग इस पर परिचर्चा जरूर करेंगे एवं अगले दिनों में आ…