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हैप्पी अभिनंदन में शिवम मिश्रा

ब्लॉग ने पूरे हिन्दुस्तान को एक मंच पर ला खड़ा किया है, ब्लॉगिंग के बहाने हमको देश के कोने कोने का हाल जानने को मिल जाता है। देश का कितना बड़ा भी न्यूज पेपर हो, लेकिन आज वो ब्लॉग जगत के मुकाबले बहुत छोटा है। अखबार गली कूचों में बांट कर रह गया है, कारोबार ने उसकी सीमाएं बहुत छोटी कर दी। अखबार का दायरा जितना छोटा हुआ है, ब्लॉग जगत का दायरा उतना ही बड़ा हुआ है। जम्मू कश्मीर से मदरास तक और असम से गुजरात तक ही नहीं बल्कि हिन्दी ब्लॉगिंग का नेटवर्क तो सरहद पार विदेशों तक फैला हुआ है। इस नेटवर्क को एक एक ब्लॉगर ने बनाया है, ब्लॉग नेटवर्क एक माला की तरह है, जो एक एक मोती से बनती है। इस ब्लॉग रूपी माला में बहुत से मोती हैं, उन्हीं मोतियों में से एक मोती शिवम मिश्रा के साथ आज हैप्पी अभिनंदन में आप सबको रूबरू करवाने जा रहा हूँ, जो उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से बुरा भला एवं जागो सोने वालों ब्लॉग को संचालित करते हैं। आओ आगे पढ़ें, कुलवंत हैप्पी  के सवाल और शिवम मिश्रा के जवाब।

कुलवंत हैप्पी : सबसे पहले जानना चाहेंगे कि आपकी जन्मस्थली कौन सी है और आपका जन्म कब हुआ?
शिवम मिश्रा : मेरा जन्म 15 मई, 1977 कों कोलकत्ता में हुआ। मैं 1997 तक कोलकत्ता में ही रहा और अपनी 12वीं तक की पढाई वहाँ की। इसे साल हम लोग मैनपुरी आ बसे यहाँ हमारी पुश्तैनी जमीन और मकान है।

कुलवंत हैप्पी : मिश्रा जी आपने ब्लॉग जगत में कब और कैसे आए?
शिवम मिश्रा : ब्लॉग जगत में मेरे खास दोस्त हिर्देश सिंह के प्रोत्साहन से आया। हिर्देश मैनपुरी एक जाने माने युवा पत्रकार है और अपना एक न्यूज़ चैनल चलाते हैं- सत्यम न्यूज़ के नाम से। मैंने अपनी पहली पोस्ट 31/03/2009 को लिखी थी। ब्लॉग जगत में आने का प्रमुख्य कारण यही था कि अपने मन की भावनायों को सब तक पहुंचाऊं अपने शब्दों में।

कुलवंत हैप्पी : आप ने बीच में ब्लॉगिंग से दूरी बना ली थी, कोई विशेष कारण?
शिवम मिश्रा : जी हाँ बीच में ब्लॉग जगत से दूर था, इस का केवल यही कारण था कि मेरे internet service provider द्वारा ब्लॉगर.कॉम तक मेरी पहुच बंद कर दी गई थी किसी तकनीकी कारण की वजह से वैसे अब जब लौटा हूँ तो आप जैसे मित्रों से पता चला है कि उन दिनों ब्लॉग जगत में काफी घमासान हुआ तो सोचता हूँ अच्छा ही हुआ कि दूर था।
 
कुलवंत हैप्पी : ब्लॉग जगत में आपका अब तक का सफर कैसा रहा?
शिवम मिश्रा : अब तक का ब्लॉग जगत का सफ़र तो काफी बढ़िया रहा आगे खुदा मालिक।

कुलवंत हैप्पी : ब्लॉगिंग के अलावा असल जिन्दगी में आजीविका के लिए क्या करते हैं आप?
शिवम मिश्रा : असल जीवन में ब्लॉगिंग के आलावा मैं एक investment consultant के रूप में कार्य कर रहा हूँ ख़ासकर बीमा क्षेत्र में।

कुलवंत हैप्पी : कोई ऐसा लम्हा जिसने कुछ अलग करने के लिए प्रेरित किया हो, और हमारे साथ बाँटना चाहते हों?
शिवम मिश्रा : देखिए अलग तो हम सब ही करना चाहते हैं पर सब से बहेतर यह होता है कि हम जो कर सकते है उसको ही और बहेतर तरीके से करे। मेरा तो मानना यही है।

चक्क दे फट्टे : शिवम : गधा मिठाई को देखकर क्या सोचता होगा? यार, हैप्पी : काश! यह मिठाई घास होती।

अलविदा ब्लॉगिंग...हैप्पी ब्लॉगिंग

कई महीने पहले बुरा भला के शिवम मिश्रा जी  चुपके से कहीं छुपकर बैठ गए, फिर हरकीरत हीर ने अचानक जाने की बात कही, किंतु वो लौट आई। किसी कारणवश मिथिलेश दुबे भी ब्लॉग जगत से भाग खड़े हुए थे, लौटे तो ऐसे लौटे कि न लौटे के बराबर हुए पड़े हैं।