Posts

Showing posts with the label मौन थी-माँ

मौन थी, माँ

Image
आँख मलते हुए
उठा वो बिस्तर से
रोज की तरह

और उठाया
हठों तक लाया
चाय की प्याली को
हैरत में पड़ा,
देख उस अध-खाली को

मां के पास गया
और बोला
आज चाय इतनी कम क्यों है
तू चुप,
और तेरी आंख नम क्यों है

फिर भी चुप थी,
मौन थी, माँ
एक पत्थर की तरह
वो फिर दुहराया
मां चाय कम क्यों है
तेरी आंख नम क्यों है

फिर भी न टूटी
लबों की चुप
कैसे टूटती चुप
ताले अलीगढ़ के
गोरमिंट ने लगा जो दिए

मौन होंगी अब
कई माँएं
शक्कर दूध के भाव बढ़ा जो दिए