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वॉट्सएप, फेसबुक और समाज

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12 साल का रोहन फेसबुक पर खाता बनाता है। अपनी उंगलियों को मोबाइल पर तेज रफतार दौड़ाता है। एंड्रॉयड, विन्‍डोज, स्‍मार्ट फोन और ब्‍लैकबेरी के बिना जिन्‍दगी चलती नहीं। भारतीय रेलवे विभाग भले साधारण फोन से रेलवे टिकट कटवाने की व्‍यवस्‍था की तरफ बढ़ रहा हो, लेकिन भारतीय एक पीढ़ी हाईटेक फोनों की तरफ बढ़ रही है।

गेम्‍स, चैट और नेटसर्फिंग आज की युवा पीढ़ी की दिनचर्या का हिस्‍सा बन चुकी है। यह दिनचर्या उनको अजनबियों से जोड़ रही है और अपनों से तोड़ रही है। अंधेर कमरे में भी हल्‍की लाइटिंग रहती है, यह लाइटिंग किसी कम रोशनी वाले बल्‍ब की नहीं, बल्‍िक मोबाइल फोन की स्‍क्रीन से निकली रोशनी है।

आज युवा पीढ़ी कहीं पर भी हो, लेकिन उसकी नजर मोबाइल फोन की स्‍क्रीन पर रहती है। रतन टाटा, बिरला और अम्‍बानी से ज्‍यादा व्‍यस्‍त है, हमारी युवा पीढ़ी। सेक्‍सी, होट कैमेंट आज आम बात हो चली है। फेसबुक, वॉट्सएप्‍स के मालिक दिन प्रति दिन धनी हो रहे हैं। सीबीआई और आईबी के दस्‍तावेजों से भी ज्‍यादा आज की युवा पीढ़ी के मोबाइल कॅन्‍फीडेंशियल होते हैं। एक शादी समारोह में एक लड़की मेरा ध्‍यान अपनी ओर खींच रही थी, इसलिए न…

13 साल से कम उम्र के लिए फेसबुक बैन!

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को दुनिया की अग्रणी सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक से अपनी साइट के मुख्य पेज पर यह चेतावनी जारी करने के लिए कहा कि 13 वर्ष से कम आयु के बच्चे यहां अपना खाता नहीं खोल सकते।

न्यायालय की कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बी. डी. अहमद एवं न्यायाधीश विभु बाखरू की पीठ ने फेसबुक से 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खाता खोलने की इजाजत न देने के लिए कहा।

फेसबुक की तरफ से न्यायालय के समक्ष उपस्थित वरिष्ठ वकील पराग त्रिपाठी ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि साइट अपने मुख्य पेज पर 13 वर्ष से कम आयु के बच्चो के खाता न खोलने से संबंधित चेतावनी जारी करेगा।

न्यायालय ने केंद्र सरकार से भी यह बताने के लिए कहा कि बच्चों को ऑनलाइन सोशल नेटवर्किग साइटों पर होने वाली अभद्रता से बचाने के लिए उसके पास क्या कानून है।

30 साल का हुआ इंटरनेट

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-: वाईआरएन सर्विस :-
न ई मेल होती, न फेसबुक होता और न होता यू ट्यूब, अगर इंटरनेट का जन्‍म न होता। आज इंटरनेट 30 साल का हो चुका है। सोचो जरा! भारतीय आईटी इंडस्‍ट्री इंटरनेट के बिना आख़िर कैसी होती? आज भारत में चार बड़ी आईटी सर्विसेस कंपनियों की श्रेणी में टीसीएस, विप्रो, इन्‍फोसिस एवं एचसीएल टेक्‍नोलॉजिज शामिल हैं, जिनमें लगभग छह लाख से ऊपर कर्मचारी कार्यरत हैं।

दरअसल, आज से करीबन 30 साल पूर्व 1 जनवरी 1983 को पुरानी टेक्‍नॉलोजी को अलविदा कहते हुए नई प्रणाली को स्‍थापित किया, जिसे आज हम इंटरनेट के रूप में जानते हैं। उस दिन अमेरिका के रक्षा विभाग द्वारा संचालित अर्पानेट नेटवर्क 'Advanced Research Projects Agency Network' की जगह सम्पूर्ण तौर पर इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट (आईपीएस) संचार प्रणाली के उपयोग को अपना लिया गया। आगे चलकर वर्ल्ड वाइड वेव (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू) का रास्ता तैयार हुआ।

अर्पानेट नेटवर्क ने 1960 के दशक के आखिरी वर्षों में सैन्य परियोजना के तौर पर काम करना शुरू किया था एवं कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट जैसे कई संस्थानों ने इसकी विकास प्रक…

इंस्‍टाग्राम ने यूजर्स को दिलाया भरोसा

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-: वाईआरएन सर्विस :-
मोबाइल फोटो शेयरिंग वेबसाइट इंस्‍टाग्राम ने यूजर्स की फीडबैक के बाद थैंक्‍स, वी आर लिस्‍टनिंग, ब्‍लॉग पोस्‍ट के जरिए अपने यूजर्स को संतुष्‍ट करने के लिए कहा है, वो उनकी फोटो को किसी भी एड में इस्‍तेमाल नहीं करेंगे।

अब इंस्‍टाग्राम का मालिक फेसबुक है। उसने अपने नए नियम एवं शर्तें तैयारी की हैं। उसने इस्‍तेमाल कर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनकी फोटो के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। उनकी फोटो को किसी भी विज्ञापन आदि में इस्‍तेमाल नहीं किया जाएगा।

इंस्‍टाग्राम प्रबंधन का कहना है कि यूजर्स अपनी फोटो को पब्‍लिक एवं अपने फ्रेंड सर्कल में शेअर कर सकेंगे। उन्‍होंने कहा कि इसको और सरल बनाया जाएगा।

गौरतलब है कि इंस्‍टाग्राम को सितम्‍बर में फेसबुक ने खरीदा था। इसकी नियम एवं शर्तों में परिवर्तन कर दिया गया है, जो 17 जनवरी के बाद लागू हो जाएंगी।

'फेसबुक' से बड़ा 'मार्क का दिल'

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-:वाईआरएन सर्विस:-

'फेसबुक' की खोज से दुनिया को एक मंच पर खींचकर लाने वाला 28 वर्षीय युवक मार्क जुकरबर्ग युवाओं के लिए ही नहीं बल्‍कि बिजनसमैनों के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर उभर रहा है। मंगलवार को फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने सेन फ्रांसीसिको की एक संस्‍था को 500 मिलीयन डॉलर आर्थिक सहायता के लिए रूप में दान देने की घोषणा की। इस फंड का इस्‍तेमाल सेहत सेवाओं एवं शिक्षा के क्षेत्र में किया जाएगा।

मार्क जुकरबर्ग द्वारा दान किए 18 मिलियन फेसबुक शेयरों की कीमत मंगलवार को बंद होने के वक्‍त करीबन 498.8 मिलियन डॉलर आंकी गई। इन शेयरों को उपहार में प्राप्‍त करने वाली सिलीकॉन वैली कम्‍यूनिटी फाउंडेशन, एक नॉन प्रोफिट संगठन है, जो दानदाताओं द्वारा दिए गए दान से चलता है।

यह मार्क जुकरबर्ग का अब तक सबसे बड़ा दान है। इससे पहले मार्क जुकरबर्ग 2010 में 100 मिलियन डॉलर नेवॉर्क पब्‍िलक स्‍कूल को दान के रूप में दे चुके हैं। इसके बाद उन्‍होंने माइक्रो सॉफ्ट संस्‍थापक बिल गेट्स की अगुवाई वाली संस्‍था ज्‍वॉइन की।

फेसबुक को पीछे छोड़ने की होड़ में गूगल

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-: वाईआरएन सर्विस :-


भले ही गुगल का ओर्कुट उत्‍पाद फेसबुक के आगे दम नहीं भर सका, लेकिन ओर्कुट से सीखकर लोग फेसबुक तक पहुंचे। मगर अब गूगल अपने निराश हो चुके यूजर्स को वापिस लाने के लिए अपना पूरा दमखम गूगल प्‍लस पर लगा रहा है। गूगल प्‍लस में गूगल ने काफी सारे नए एप्‍लीकेशनस जोड़ दिए हैं, जो यूजर्स को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
गूगल ने दावा किया है कि गूगल प्लस के सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़कर 13.5 करोड़ हो गई है। इसमें फेसबुक के इंस्टाग्राम जैसी सेवाओं से प्रतिस्पर्धा करने के लिए फोटोज एवं वीडियो डालने जैसी एप्‍लीकेशन को भी जोड़ दिया गया है।

गूगल के सीनियर अधिकारी विक गुन्डोत्रा ने एक ब्लॉग पोस्ट पर कहा कि गूगलप्लस का विस्‍तार तेजी से हो रहा है। फिलहाल 13.5 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता हैं एवं 50 करोड़ से ज्यादा ने अपने गूगल अकाउंट का अपग्रेडेशन किया है जो इस सोशल नेटवर्क में भागीदारी कर सकते हैं।

ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी फेसबुक से प्रतिस्पर्धा कर रही है। गूगल ने कहा कि उसके ऑनलाइन सोशल नेटवर्क के सक्रिय यूजर्स की संख्या बढ़कर 13.5 करोड़ हो गई है। इतना ही नहीं, ओर्कुट के पुराने खात…

एंड्रॉयड फोन यूजर्स को फेसबुक का नया तोहफा

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-: वाईआरएन सर्विस :-
अगर आप एंड्रॉयड फोन इस्‍तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक खुशख़बर है। जी हां, बुधवार को युवाओं की पहली पसंद बन चुकी सोशल नेटवर्किंग फेसबुक ने न्यू मेसेंजर ऐप लॉन्च किया, जिसकी सहायता से बिना फेसबुक अकाउंट के भी एंड्रॉयड यूजर्स एक-दूसरे को संदेश भेज सकते हैं। इसके लिए फेसबुक ने काफी करियर्स के साथ-साथ डिवाइस बनाने वाली कंपनियों से भी करार किया है।

फेसबुक ने अपने बयान में कहा कि यूजर्स अपने नाम और नंबर द्वारा मेसेंजर अकाउंट साइन अप कर सकते हैं, इससे उन्हें अपने फोन कॉन्टेक्ट्स पर फटाफट संदेश भेजने में आसानी होगी।

दिलचस्‍प बात यह है कि फेसबुक ने अपनी इस सुविधा को फिलहाल इंडिया, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, वेनेजुएला और साउथ अफ्रीका में शुरू किया है। सूत्रों की माने तो इस सुविधा को लाने का मुख्य उद्देश्य मेसेंजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। फिर इससे लोग अपने तमाम फोन कॉन्टेक्ट्स के साथ आसानी से चैट भी कर सकते हैं। इसमें यह जरूरी नहीं होगा कि आपको जिन्हें मेसेज भेजना है, वे फेसबुक पर हों ही।

अभिव्‍यक्‍ित की तालाबंदी

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अब वक्‍त बदलने का है, बंदिशें व प्रतिबंध लगाने का नहीं। एक बात और अब कहां कहां प्रतिबंध लगाएंगे, क्‍यूंकि रूम डिसक्‍शन, अब ग्‍लोबल डिसक्‍शन में बदल चुकी है, इंटरनेट लगा डाला, तो लाइफ जिंगालाला। हर व्‍यक्‍ित सरकार के व्‍यवहार से तंग है, जैसे ईमानदार संवाददाता बेईमान संपादक से। मंगो मैन सरकार के खिलाफ कुछ न कुछ कह रहा है, जो उसका संवैधानिक अधिकार है।
ए सरकार, तुम को वोट देकर वो एक बार नहीं, पिछले कई सालों से अपने अधिकार के साथ खिलवाड़ कर रहा है, लेकिन अब वो अभिव्‍यक्‍ित के अधिकार से ही सही, लेकिन तेरे खिलाफ कुछ तो बोल रहा है, जो तुझको पसंद रही आ रहा है। इस मैंगोमैन को रुपहले पर्दे पर विजय दीननाथ चौहान से लेकर बाजीराव सिंघम तक सब किरदार अच्‍छे लगते हैं, मगर अफसोस इसको विजय दीनानाथ चौहान मिलता है तो मीडिया मार देता है, जो तेरी चौखट पर बंधी हुई कुत्तिया से ज्‍यादा नहीं भौंक सकता। काटने पर भी अब जहर नहीं फैलती, क्‍यूंकि इंजेक्‍शन जो पहले से दे रखा है। सरकार के खिलाफ अंदोलन हो तो इनका अंदोलन अंदोलन करने वाले के खिलाफ होता है। उसकी मंशा पर शक करते हैं, मुद्दे तो कैटरीना की मांग में भरे सिंदू…