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म्‍यांमार मामले पर केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा, आंख दिखाना बुरी बात

भारतीय जमीन को निरंतर हथियाने के प्रयास हो रहे हैं। कभी चीन की ओर से, कभी पाकिस्‍तान की ओर से, अब फेहरिस्‍त में एक नया नाम जुड़ गया म्‍यांमार का, उधर श्रीलंका ने हमारे तीन सौ से अधिक मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया। ऐसे में देश के रक्षा मंत्री से विशेष बातचीत करना बनता है।
एंकर - भारतीय सीमा पर म्‍यांमार ने चौंकी स्‍थपित करने का मन बना लिया है। कहें तो चीन और पाकिस्तान के बाद अब छोटा सा मुल्क म्यांमार भी भारत को आंखें दिखाने लगा है। इस बारे में सरकार की क्‍या प्रतिक्रिया है ?

केंद्रीय रक्षा मंत्री - हमारा देश राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी, जिनको अहिंसा के पुजारी कहा जाता है, की विचारधारा का अनुसरण करता है। महात्‍मा ने कहा है कि बुरा देखना मना है, और आंख दिखाना बुरी बात है, ऐसे में भारत इसको नहीं देख सकता। जब देख नहीं सकते तो कोई प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं लगती।

एंकर - ऐसे में तो म्‍यांमार के हौसले बढ़ जाएंगे ?
केंद्रीय रक्षा मंत्री - चीन के सैनिक किस दिन काम आएंगे, यह हिस्‍सा उनको सुपुर्द कर दिया जाएगा, वे खाली करवाकर हम को सौंप देंगे, क्‍यूंकि चीन गांधी के नियमों का अनुसरण नहीं करता। वे म्‍यांमार को खदेड़ देगा। चीनी और भारतीय तो भाई भाई हैं, भाई भाई में क्‍या अपना क्‍या पराया ? 

एंकर - कहीं ऐसा तो नहीं, देश में बढ़ती बेरोजगारी, रुपये की गिरती कीमत, और आर्थिक मंदी के कारण ख़राब हो रही देश की छवि के चलते म्‍यांमार ने ऐसा कदम उठाया है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री - रक्षा मंत्रालय का मामला नहीं, हम सीमा सुरक्षा पर ध्‍यान देते हैं, आर्थिक सुरक्षा का मंत्रालय दूसरे मंत्री के पास है। हम अपना काम बराबर कर रहे हैं, देखिए पाकिस्‍तान ने जितने बार घुसपैठ की कोशिश की, हमारे सैनिक शहीद किए, हमने बराबर मुंह तोड़ जवाब दिया, मतलब शब्‍दी बाण चलाये।

एंकर - सिक्‍कम में चीन भारत सीमा पर चीनी और भारतीय सैनिकों ने एक साथ बैठकर रसगुल्‍ले, और बीयर पी, इस बारे में आपकी क्‍या प्रतिक्रिया है ?

केंद्रीय रक्षा मंत्री - यह अच्‍छी बात है। जब देश की सरकारें एक स्‍तर पर बात करने में असफल हो रही हों, तब देश के जवान ही सरकार वाली जिम्‍मेदारी निभा रहे हों, तो इससे अच्‍छी बात क्‍या हो सकती है ? चीनी ने भारतीय मिठाई का लुत्‍फ उठाया तो चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों को बीयर दी, यह संस्‍कृति का आदान प्रदान है, दोनों देशों के सैनिक अपना अपना नजरिया सरकार के सामने रखेंगे, हो सकता है कि भारत अपने रसगुल्‍ले चीन में सप्‍लाई करने शुरू कर दे, और चीन अन्‍य उत्‍पादों के साथ बीयर भी भारत में दो नंबर के रास्‍ते से भेजे।

एंकर - अब हमारे पड़ोसी देश भारत के लिए दिक्‍कत बनते जा रहे हैं। श्रीलंका ने पिछले दिनों हमारे मछुआरों समुद्री सीमा से गिरफ्तार कर लिया। इस बारे में आपकी क्‍या प्रतिक्रिया है ?

केंद्रीय रक्षा मंत्री - इस मामले को समझने की जरूरत है। मतलब कि शुरूआती जानकारियों के अनुसार मछुआरे मद्रास कैफे देख रहे थे, जो तमिल विरोधी फिल्‍म बताई जा रही है, हम यह नहीं कहते कि समुद्र में डुप्‍लीकेट वीसीडीओं के जरिये एंटरटेनमेंट करना बुरी बात है, लेकिन जब चेन्‍नई एक्‍सप्रेस अच्‍छी कमाई कर रही है, ऐसे में मद्रास कैफे देखने की क्‍या जरूरत थी। इस मामले को जल्‍द सुलझा लिया जाएगा, सरकार ने श्रीलंका सरकार को मद्रास कैफे की कॉपी भेज दी है, उम्‍मीद है कि मीडिया रिपोर्टों से ध्‍यान हटाते हुए श्रीलंका इस फिल्‍म की सही समीक्षा करेगी, और अगर श्रीलंका की ओर से फिल्‍म की समीक्षा अच्‍छी आई तो भारत इसको ऑस्‍कर के लिए भेजेगा।

आप हमारे स्‍टूडियो में आये, अपना कीमत समय हमारे साथ बताया। आपसे बातचीत कर अच्‍छा लगा। उम्‍मीद है कि फिर होगी बातचीत। दर्शकों आपको कैसी लगी हमारी बातचीत लिखना मत भूलिएगा। 

उठो बेटा, सूरज निकल आया, तुम अभी तक चारपाई तोड़ रहे हो। तुम्‍हारे बॉस का फोन आया था। ऑफिस जल्‍दी जाना है। क्‍या मां तुमने भी न मेरा स्‍वप्‍न तोड़ दिया, देश के रक्षा मंत्री का इंटरव्‍यू कर रहा था।