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30 साल का हुआ इंटरनेट

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-: वाईआरएन सर्विस :-
न ई मेल होती, न फेसबुक होता और न होता यू ट्यूब, अगर इंटरनेट का जन्‍म न होता। आज इंटरनेट 30 साल का हो चुका है। सोचो जरा! भारतीय आईटी इंडस्‍ट्री इंटरनेट के बिना आख़िर कैसी होती? आज भारत में चार बड़ी आईटी सर्विसेस कंपनियों की श्रेणी में टीसीएस, विप्रो, इन्‍फोसिस एवं एचसीएल टेक्‍नोलॉजिज शामिल हैं, जिनमें लगभग छह लाख से ऊपर कर्मचारी कार्यरत हैं।

दरअसल, आज से करीबन 30 साल पूर्व 1 जनवरी 1983 को पुरानी टेक्‍नॉलोजी को अलविदा कहते हुए नई प्रणाली को स्‍थापित किया, जिसे आज हम इंटरनेट के रूप में जानते हैं। उस दिन अमेरिका के रक्षा विभाग द्वारा संचालित अर्पानेट नेटवर्क 'Advanced Research Projects Agency Network' की जगह सम्पूर्ण तौर पर इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट (आईपीएस) संचार प्रणाली के उपयोग को अपना लिया गया। आगे चलकर वर्ल्ड वाइड वेव (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू) का रास्ता तैयार हुआ।

अर्पानेट नेटवर्क ने 1960 के दशक के आखिरी वर्षों में सैन्य परियोजना के तौर पर काम करना शुरू किया था एवं कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट जैसे कई संस्थानों ने इसकी विकास प्रक…

''दामिनी'' को ''गूगल'' की श्रद्धांजलि

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-: वाईआरएन सर्विस :-
खुद सदा के लिए सो कर पूरे हिन्‍दुस्‍तान को जगाने वाली अस्‍मरणीय दामिनी को पूरे हिन्‍दुस्‍तान ने ही नहीं बल्‍कि विश्‍व के सबसे बड़े सर्च इंजनों में शामिल गूगल ने भी मोमबत्‍ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। गूगल होम पेज पर नजर आने वाली मोमबत्ती पर जैसे ही माऊस जाता है तो वहां पर ''इन मैमोरी ऑफ द दिल्‍ली ब्रेवहार्ट'' लिखा मिलता है।

पीड़िता के साथ 16 दिसंबर को एक चलती बस में 6 पुरुषों ने गैंग रेप करने के बाद उसे सड़क किनारे फेंक दिया था। और उसके बाद उसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया। वहां उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और गत शनिवार तड़के उसकी मौत हो गई।

इस घटना ने पूरे हिन्‍दुस्‍तान को महिलाओं के प्रति हो रहे अत्‍याचारों के खिलाफ एकसुर किया। इस आंदोलन ने केंद्र सरकार की जड़ों को पूरी तरह हिलाकर रख दिया। यह आजादी के बाद पहला ऐसा जनाक्रोश था, जिसका नेतृत्‍व किसी ने नहीं किया, बल्‍कि आम लोगों ने किया।

फेसबुक को पीछे छोड़ने की होड़ में गूगल

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-: वाईआरएन सर्विस :-


भले ही गुगल का ओर्कुट उत्‍पाद फेसबुक के आगे दम नहीं भर सका, लेकिन ओर्कुट से सीखकर लोग फेसबुक तक पहुंचे। मगर अब गूगल अपने निराश हो चुके यूजर्स को वापिस लाने के लिए अपना पूरा दमखम गूगल प्‍लस पर लगा रहा है। गूगल प्‍लस में गूगल ने काफी सारे नए एप्‍लीकेशनस जोड़ दिए हैं, जो यूजर्स को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
गूगल ने दावा किया है कि गूगल प्लस के सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़कर 13.5 करोड़ हो गई है। इसमें फेसबुक के इंस्टाग्राम जैसी सेवाओं से प्रतिस्पर्धा करने के लिए फोटोज एवं वीडियो डालने जैसी एप्‍लीकेशन को भी जोड़ दिया गया है।

गूगल के सीनियर अधिकारी विक गुन्डोत्रा ने एक ब्लॉग पोस्ट पर कहा कि गूगलप्लस का विस्‍तार तेजी से हो रहा है। फिलहाल 13.5 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता हैं एवं 50 करोड़ से ज्यादा ने अपने गूगल अकाउंट का अपग्रेडेशन किया है जो इस सोशल नेटवर्क में भागीदारी कर सकते हैं।

ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी फेसबुक से प्रतिस्पर्धा कर रही है। गूगल ने कहा कि उसके ऑनलाइन सोशल नेटवर्क के सक्रिय यूजर्स की संख्या बढ़कर 13.5 करोड़ हो गई है। इतना ही नहीं, ओर्कुट के पुराने खात…