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नरेंद्र मोदी को मिला 'जन समर्थन'

-: वाईआरएन सर्विस :-

तीन बार बतौर मुख्‍यमंत्री अपनी जिम्‍मेदारी निभा चुके नरेंद्र मोदी पर गुजरात की जनता ने एक बार फिर विश्‍वास जताते हुए अपना फैसला सुना दिया।

भले चुनाव नतीजों में पूरा गुजरात भाजपा के नारे की तरह एकमत गुजरात नजर न आया हो, लेकिन नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा 115 सीटों पर जीतकर सत्‍ता में लौट रही है।

भाजपा से अलग हुए केशुभाई पटेल की अगुवाई वाली गुजरात परिवर्तन पार्टी चुनावों में दो सीटें जीतकर अपना खाता खोलने में सफल रही। केशुभाई की अगुवाई में भाजपा दो बार सत्‍ता में आई थी, लेकिन चली नहीं, उसके बाद ही नरेंद्र मोदी को भाजपा ने कामन सौंपी थी।

उधर, सत्‍ता की राह देख रही कांग्रेस पार्टी को 61 सीटों पर विजय मिली, जो कांग्रेसी नेताओं के अनुमान के हिसाब से बिल्‍कुल ठीक है, मगर इन चुनावों में कांग्रेस के लिए बेहद बुरी बात यह है कि जिन कंधों पर वो चुनाव लड़ रही थी, वो कंधे कमजोर निकले, विपक्ष नेता अर्जुन मोढ़वाडिया एवं कांग्रेस प्रमुख शक्‍ति सिंह गोहिल।

भाजपा को सौराष्‍ट्र कच्‍छ, दक्षिण गुजरात एवं मध्‍य गुजरात से बेहद सफलता मिली, लेकिन नरेंद्र मोदी के गृह क्षेत्र उत्‍तर गुजरात से नरेंद्र मोदी की भाजपा केवल 27 में से केवल 13 सीटें निकाल पाई। इस क्षेत्र में नरेंद्र मोदी को प्रफुल्‍ल पटेल, जयनारायण व्‍यास एवं फकीरभाई वाघेला जैसे मंत्रियों की सीटें गंवानी पड़ी।

असली 'द व्‍हाइट टाइगर' नरेंद्र मोदी

अपनी पहली बुक 'द व्‍हाइट टाइगर' से धूम मचाने देने वाले अरविंद अडिगा को अगर अपनी दूसरी बुक लिखने का मन करे तो वो नरेंद्र मोदी पर लिख सकते हैं, क्‍यूंकि नरेंद्र मोदी भी 'अरविंद अडिगा' की किताब 'द व्‍हाइट टाइगर' के किरदार की तरह काफी उतार चढ़ावों से गुजरते हुए गुजरात की सत्‍ता पर विराजमान हुए हैं। नरेंद्र मोदी का जन्‍म उत्‍तर गुजरात में पड़तते वडनगर कस्‍बे के एक मध्‍य वर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता चाय बेचने का कार्य करते थे, उनकी मां हीरा बा को आज भी विश्‍वास नहीं होता कि उनका पुत्र नरेंद्र आज देश की राजनीति में सबसे बड़े कद के नेताओं को मात दे रहा है।

नरेंद्र मोदी, चौथी बार गुजरात के मुख्‍यमंत्री बनने जा रहे हैं, जबकि 2012 के विधान सभा चुनावों में हुई उनकी इस  जीत को उनकी चुनावी हैट्रिक कहा जा रहा है। दरअसल केशुभाई पटेल के 2001 में त्‍याग पत्र देने के बाद तत्‍कालीन सत्‍ताधारी पार्टी भाजपा ने अपनी सरकार की बागडोर नरेंद्र मोदी को सौंप दी थी। शायद तब भाजपा को भी अंदाजा न था कि नरेंद्र मोदी इतना लम्‍बा राजनीति की पिच पर खेल पाएंगे, क्‍यूंकि गुजरात की राजनीति में इतना लम्‍बा तब तक किसी भी मुख्‍यमंत्री ने नहीं खेला था।

1960 से लेकर 2001 तक गुजरात के अंदर लगभग 5 बार तो राष्‍ट्रपति शासन लागू हुआ। गुजरात के अंदर 1960 के बाद सबसे पहले कांग्रेस पार्टी सत्‍ता में आई, तो जीवराज मेहता को मुख्‍यमंत्री बनाया गया। 1960 से 1971 तक सत्‍ता में रही कांग्रेस पार्टी को तीन मुख्‍यमंत्री क्रमश: जीवराज मेहता, बलवंत राय मेहता, हतेंद्रभाई देसाई बनाने पड़े। 1971 में पहली बार गुजरात के अंदर राष्‍ट्रपति शासन लागू हुआ।

भाजपा ने गुजरात में पहली बार सत्‍ता में उस वक्‍त कदम रखा, जब 1995 के दौरान केशुभाई की अगुवाई वाली भाजपा ने चुनावों में विजय अर्जित की, लेकिन केशुभाई की अगुवाई वाली सरकार 221 दिन चली, इसके बाद इस सरकार का नेतृत्‍व सुरेश मेहता के हाथों में आया, जो भी 365 दिन पूरे न कर सके, और राष्‍ट्रपति शासन गुजरात में फिर लागू हो गया।

1998, भाजपा केशुभाई की अगुवाई में एक बार गुजरात के सिंहासन पर बैठी, मगर 2001 में केशुभाई पटेल द्वारा त्‍याग पत्र दिए जाने के बाद सत्‍ता नरेंद्र मोदी के हाथ में आई, जो आज तक उनके हाथों में है। नरेंद्र मोदी गुजरात के पहले ऐसे मुख्‍यमंत्री हैं, जो तीन बार लगातार चुनाव जीतकर सत्‍ता में लौटे हैं, और उनके शासन के बाद गुजरात के अंदर पिछले 11-12 सालों में एक बार भी राष्‍ट्रपति शासन लागू करने की नौबत नहीं आई।

चुनाव संपन्‍न, मोदी को मिलेगा बहुमत

-: वाईआरएन सर्विस :- 
गुजरात विधान सभा चुनावों के नतीजे तो 20 दिसम्‍बर को आएंगे, लेकिन यह भविष्‍यवाणी तो एग्जिट पोल गुरू कर रहे हैं। विधान सभा चुनाव संपन्‍न होने के बाद सामने आए एग्‍जिट पोल में नरेंद्र मोदी को 120 से 130 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि आम राजनीति में रुचि रखने वाले लोगों की भी यह राय है। मगर कुछेक लोगों का मानना है कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा इस बार अनुमान से ज्‍यादा सीटें खींचने में पूरी तरह सफल रहेगी।

केशु बापा के अलग पार्टी बनाने से नरेंद्र मोदी को झटका लगने की संभावना से इंकार तो नहीं किया जा सकता, लेकिन इससे नरेंद्र मोदी को कम और कांग्रेस को ज्‍यादा झटका लगेगा। इस बार हुई रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग नरेंद्र मोदी की जीत का संकेत देती है। एग्‍जिट पोलों की मानें तो कांग्रेस का इस बार बुरा हश्र होने वाला है।

भारत में प्रसारित होने वाले अलग अलग न्‍यूज चैनलों ने अलग अलग अनुमान लगाएं हैं, मगर सभी न्‍यूज चैनलों ने नरेंद्र मोदी को बहुमत मिलने की बात कही है।

जोश में नजर आए 'नरेंद्र मोदी'

-: वाईआरएन सर्विस :-

गुजरात विधान सभा चुनावों में तीसरी बार जीत का परचम लहराने के लिए संघर्षरत गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी आज दूसरे चरण के मतदान दौर में अपना मत देने के बाद 'जोश' में नजर आए। नरेंद्र मोदी ने आज सुबह करीबन पौने दस बजे राणिप स्‍थित एक स्‍कूल में स्‍थापित इलेक्‍शन बूथ पर अपनी वोट डाली।

वोट करने के बाद नरेंद्र मोदी पूरे जोश ए खरोश में नजर आए। उनके चेहरे पर जोश देखने लायक था। वो बूथ से अपनी गाड़ी तक विक्‍ट्री चिन्‍ह दिखाते हुए आए। उन्‍होंने कहा, 'संतोष है कि गुजरात के में चुनाव शांति पूर्ण संपन्‍न हो रहे हैं, एवं लोग अपनी जिम्‍मेदारी समझते हुए इलेक्‍शन बूथों पर पहुंचकर, अपने मत अधिकार का इस्‍तेमाल कर रहे हैं'।

पूरे आत्‍मविश्‍वास के साथ नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा फिर से सत्‍ता सम्‍हालेगी, क्‍यूंकि भाजपा ने जो विकास की गाथा गुजरात में लिखी है, वो भाजपा को फिर से विजय बनाने में अहम रोल अदा करेगी। गौरतलब है कि आज नरेंद्र मोदी समेत 820 उम्‍मीदवारों की किस्‍मत ईवीएम मशीनों में बंद होने वाली है। अभी तक करीबन 60 फीसदी मतदान हो चुका है। नरेंद्र मोदी मणिनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जिनका मुकाबला निलंबित आईपीएस अफसर संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट से है, जिसको कांग्रेस ने टिकट दिया है। इस सीट पर कांग्रेस को जीजीपी का समर्थन मिला हुआ है।