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एनडी तिवारी के नाम खुला पत्र

भारत का मीडिया रूसी मीडिया से बहुत अलग है। अब तक इस बात का अहसास तो श्रीमान नारायण दत्त तिवारी जी आपको हो ही गया होगा। भारतीय मीडिया ऐसी खबरों के लिए तो उतावला रहता है, वैसे तो आप भी कम नहीं हैं, सुर्खियां बटोरने के लिए क्या क्या हथकंडे नहीं अपनाते। आपका किस्सा आज पहली बार थोड़ी सार्वजनिक हुआ है, इससे पहले तो सुनना है कि मशहूर गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने भी आप पर गीत फिल्माया था, जिसके कारण उसको गाने बजाने के लिए सरकारी प्रोग्राम मिलने बंद हो गए थे। भले ही आपकी वजह से राजनेताओं की छवि धूमिल हो रही हो, लेकिन गर्भनिरोधक गोलियां बनाने वाली और कंडोम बनाने वाली कंपनियों को अच्छी कमाई हो रही है, क्या इन कंपनियों से आपको पैसा बगैरह आता है या फिर इस तरह की घटनाओं से चर्चा में आकर किसी सेक्स शक्ति बढ़ाने वाले तेल की कंपनी एवं दवाई की कंपनी के लिए ब्रांड दूत बनाने का इरादा है। अगर उक्त दोनों बातें नहीं तो यकीनन आपकी शर्त रूसी प्रधानमंत्री ब्लादिमीर पुतिन से लगी होगी, सबसे ज्यादा अपने देश में कौन बदनाम होता है। मुझे जहां तक मालूम पड़ता है उसकी राजनीतिक पहुंच आप से कुछ ज्यादा है, क्योंकि उन्होंने तो एक छोटी सी खबर प्रकाशित करने पर एक अखबार को बंद तक करवा दिया, उसने अखबार ने सिर्फ इतना लिखा था कि जिमनास्ट गर्लफ्रैंड एलिना काबाएवा के लिए वो अपनी पत्नी से तलाक ले सकते हैं। 

सुनने में तो यहां तक आया है कि पुतिन की उक्त महिला मित्र एलिना ने एक खूबसूरत बच्चे को जन्म दिया, उस अखबार के बंद होने पर दूसरों ने तो जुबां पर ताले लगा लिए, लेकिन सोशल नेटवर्किंग वेबसाईटों और ब्लॉगों ने उसकी खूब चर्चा की। तुम डर तो बिल्कुल नहीं किसी ने माना, अगर माना होता तो आपका कच्चा चिट्ठा सार्वजनिक न होता। कहीं इस बार वाला स्टिंग ऑपरेशन भी, वोट के बदले नोट की तरह तो नहीं, जो बाद में एक नियोजित स्टिंग ऑपरेशन बनकर सामने आए। मुझे लगता है कि पिछले दिनों वेश्यावृत्ति को लेकर कोर्ट ने सरकार से पूछा था, शायद आप जैसे नेताओं की हरकतों को देखते हुए लिया होगा, वरना जज को क्या जरूरत पड़ी थी। जज को समझ आ गई थी, तुम जैसे कभी सुधरने वाले तो हो नहीं, तुम्हारे केसों के चलते गरीबों को इंसाफ नहीं मिलता, उनकी फाइलें दबी रह जाती हैं और आपकी फाइलें निरंतर खुलती रहती हैं। पिछले साल तो एक बच्चे ने आपका बेटा होने का दावा किया था, शायद अब लग रहा है कि बहती गंगा में कुछ और लोग भी हाथ धोने वाले हैं।

इस शौक की वजह से आपने राज्यपाल का पद तो खो दिया, लेकिन एक राज्यपाल होते हुए सुर्खियां आपने ही बटोरी हैं, अगर वो पद अच्छा नहीं लग रहा था तो पहले ही त्याग पत्र दे देते, इतना बखाड़ा खड़ा करने की क्या जरूरत थी। मीडिया वालों के स्टिंग ऑपरेशन यकीन रहित होते जा रहे हैं, कुछ दिन टीवी वाले भी टीआरपी बढ़ा लेंगे और तुम्हारा नाम चर्चा में बना रहेगा। वैसे तो आपकी आदत ही कि बदनाम हुए तो क्या हुआ नाम तो हुआ। आपका चर्चा में आना कोई नई बात थोड़ी है, नई बात तो उस टीवी का चर्चा में आना है और उन महिलाओं का चर्चा में आना, जो तुम्हारे साथ फोटो सेशन करवा रही थी। वैसे तुम भी मुकर जाओगे तो तुम्हारा कोई क्या कर लेगा, अब कसाब को ही देखो...हाथ में हथियार लिए पकड़ गया, मगर मानता थोड़े है। वो तो कहता है कि मुझसा शरीफ ही कोई नहीं। लेकिन अंतिम आपसे निवेदन है कि आप अपने जैसे अन्य नेताओं को समझाए कि इस तरह चर्चा में मत आएं और कोर्ट का समय बर्बाद न करें। गरीबों की फाइलों को खुलने दें क्योंकि आपकी वजह से किसी गरीब परिवार की बलात्कार की शिकार लड़की को उम्र भर इंसाफ नहीं मिल पाता और वो उस इंसाफ के इंतजार में दुनिया से रुखस्त हो जाती है।