Showing posts with label उप संपादक. Show all posts
Showing posts with label उप संपादक. Show all posts

तालिबान को उप संपादकों की जरूरत

 -:  वाईआरएन सर्विस :-
अभी फेसबुक प्रबंधन सोच ही रहा था कि जॉब सीकर को इम्‍प्‍लॉयर से मिलाकर पैसा कमाया जाए, लेकिन उससे पहले तालिबान ने फेसबुक का इस्‍तेमाल करते हुए अपनी त्रैमासिक पत्रिका के लिए उप संपादकों, वीडियो एडिटिंग एवं अनुवाद हेतु इच्‍छुक उम्‍मीदवारों को आवेदन करने के लिए आह्वान किया है।

तालिबान पर निगाह रखने वाले मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान ने फेसबुक पर एक पेज बनाया है और तालिबान ने युवाओं को त्रैमासिक पत्रिका में लिखने, वीडियो संपादन व अनुवाद के लिए आमंत्रित किया है। अभी तक पाकिस्तानी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान द्वारा फेसबुक पर बनाए गए इस पृष्ठ को सैंकड़े लोगों ने पसंद किया है।

अयाह-ए-खियाफत ने लोगों को संबोधित करते हुए लिखा है कि कलम तलवार से अधिक शक्तिशाली है। आपके पास इस शक्तिशाली हथियार को प्रयोग करने का एक सुनहरा मौका है।

खास बात   पेज के चर्चाओं में आते पेज को डिलीट कर दिया गया है,लेकिन उसके बाद एक नया पेज क्रिएट किया गया। यह पेज अधिकारिक है या नहीं, इसकी कोई पुष्‍टि नहीं हो पा रही। 
चलते चलते - शायद तालिबान को पता चल गया कि भारत में कुछ लोग कलम के दम पर करोड़ों रुपए एसी रूमों में बैठकर बहुत आराम से कमा लेते हैं, जो पकड़े जाते हैं, वो बदनुमा धब्‍बा कहलाते हैं। जब तोपें काम करना बंद कर दे तो कलम उठा लेनी चाहिए।