Posts

Showing posts with the label अनुराग कश्‍यप

'अकीरा' फिल्‍म नहीं, कहानी है एक 'लड़की' के साहस की

Image
अकीरा फिल्‍म नहीं, एक कहानी है, एक दस्‍तां है, एक लड़की के साहस की, जोश की, हिम्‍मत की, संघर्ष की और बलिदान की, जो हमको सिल्‍वर स्‍क्रीन पर सुनाई जाती है। अकीरा सी लड़की पैदा करना हर मां बाप के बस की बात नहीं, ऐसी लड़की को ईश्‍वर किसी किसी को वरदान स्‍वरूप देता है।

अकीरा खूबसूरत है। अकीरा भी आम लड़कियों जैसी है। मगर, एक बात उसको अलग बनाती है, उसके भीतर की हिम्‍मत। फिल्‍म की शुरूआत में ही एक सूफी कहावत का जिक्र है, जिसमें फिल्‍म का पूरा निचोड़ है। ईश्‍वर आपके उस गुण की परीक्षा लेता है, जो आप में मौजूद है।
'अकीरा' की परीक्षा तो दस साल की उम्र से शुरू हो जाती है, जब अकीरा बस स्‍टैंड पर बदतमीजियां कर रहे लड़कों को निपटा देती है। अकीरा की शक्‍ति उसके पिता है, जैसे नीरजा में नीरजा की शक्‍ति उसके पिता थे। अकीरा 3 साल बाल सुधार गृह में गुजारने के बाद खूबसूरत जीवन जीने लगती है।


तभी किस्‍मत अकीरा के जीवन में मुम्‍बई जाना लिख देती है। कहते हैं ना जब पाप हद से ज्‍यादा बढ़ जाए तो पापियों का विनाश करने को एक परम-आत्‍मा जन्‍म लेती है। कुछ ऐसा ही अकीरा के बारे में कह सकते हैं, जब अकीरा मुम्‍बई…