बकवासवाणी केंद्र : ''द्वारकी - देव अफीमची'' की बकवास बातचीत - मोर खाया बिल्‍ली ने, पुलिस वाले हुए सस्‍पेंड

द्वारकी : पाकिस्‍तानी प्रधान मंत्री नवाज शरीफ के मोर को बिल्‍ली खा गई और पुलिस वाले हो गए सस्‍पेंड

देव अफीमची : यह गलत हुआ, ऐसा नहीं होना चाहिए था, बेचारे पुलिस वालों का क्‍या दोष, नवाज शरीफ को नौ सौ चूहे पालने चाहिए, और हज वाले रास्‍तों पर नाकाबंदी करनी चाहिए, जैसे नौ सौ चूहे खाने के बाद बिल्‍ली हज के लिए निकले तो उसको गिफ्तार करना चाहिए।

द्वारकी : इसका फायदा क्‍या होगा

देव अफीमची : प्‍लैग की बीमारी जाने के बाद पाकिस्‍तानी में चूहे पकड़ने का रिवाज कम हो गया, लोग खुद को बेरोजगार महसूस कर रहे हैं, इससे उनको रोजगार मिलेगा, और नौ सौ चूहे खाने के बाद बिल्‍ली भी शेर सी हो जाएगी, बिल्‍ली मार खाकर खाने वालों के लिए कई दिनों का भोजन एक साथ तैयार हो सकता है।

द्वारकी : हमारे देव अफीमची की बकवासवाणी आपने सुनी, लेकिन आप क्‍या कहते हैं, अपनी राय हमें, नीचे प्रतिक्रिया बॉक्‍स में लिखकर भेज सकते हैं, या फिर एक कागज पर लिखकर अपने पास सकते हैं। इसके साथ #बकवासवाणी केंद्र का यह प्रोग्राम समाप्‍त होता है।

अब हिन्‍दुओं की भावनाएं आहत नहीं हुई


आजकल बाजार में एक नया नारा गूंज रहा है '' हर हर मोदी, घर घर मोदी'' अगर इस नारे को पहले कांग्रेस ने उठा लिया होता, और कहा होता कि ''हर हर गांधी, घर घर गांधी'', सच में हिन्‍दुयों की भावनाएं आहत हो जाती, लेकिन अब ऐसा नहीं, क्‍यूंकि हर हर महादेव की जगह मोदी को रखा है, और जिनकी भावनाएं आहत होती हैं, वो कथित हिन्‍दु इस नारे को बड़े शौक से लगा रहे हैं, शायद बोलने से झूठ सच हो जाए, लेकिन असंभव है।
अगर भाजपा के कुछ मोदीवादियों ने मोदी को महादेव की जगह फिट कर ही दिया है तो मुझे इससे एक अन्‍य बात भी याद आ रही है। शायद हर हिन्‍दु भाई को ज्ञात होगी कि हिन्‍दु धर्म में 'त्रिदेव' का सर्वाधिक महत्व है यानि ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश, दूसरे क्रम में कहूं तो निर्माता, पालक व विनाशक।

इस क्रम में अगर मोदी को महादेव कहा जाता है, तो बीजेपी के तीन शीर्ष नेता हुए, पहला अटल बिहारी वाजपेयी, जिन्‍होंने बीजेपी को एक अलग पहचान दी, स्‍वयं लोगों के प्रधान मंत्री होकर विदा हुए, दूसरा जो बीजेपी को आगे लेकर चले, जिनको पालक कहा जा सकता है यानि एलके आडवाणी, अब बीजेपी का पूरा भार, तीसरे कंधे पर है, जिसको नरेंद्र मोदी के नाम से जाना जाता है, जिसको उनके दीवानों ने हर हर महादेव वाले जयघोष में फिट कर दिया।

इसमें कोई दो राय नहीं कि दूसरे राजनीतिक दल अब मोदी को बीजेपी का विनाशक मान रहे हैं, एनडीए की बड़ी पार्टियां दूर हो चुकी हैं। अब देखना है कि मोदीवादियों के हर हर मोदी, घर घर मोदी, बीजेपी को किस डगर पर लेकर जा रहे हैं।

नोट :- यहां मैंने केवल अपने विचार रखें हैं, हो सकता है कि दूसरों से मेरे विचार मेल न खाएं, लेकिन आप अपने विचार रख सकते हैं, जिनका मैं पूरा सम्‍मान करूंगा।

fact-n-fiction - राजू श्रीवास्‍तव पहुंचे कॉमेडी नाइट्स विद कपिल

मैं आपका हरमन प्‍यारा दिल अजीज क्‍यूट सा कपिल शर्मा, और आप देख रहे हैं कॉमेडी नाइट्स विद कपिल। आज हमारे बीच कांग्रेस की तरह अपनी छवि गंवा चुके राजू श्रीवास्‍तव, मैं नरेंद्र मोदी की तरह उभरता कपिल शर्मा, उनसे पूछेंगे, राजनीति में उनके कदम के बारे में। तो दोस्‍तो तैयार हो जाए।

नवजोत सिंह सिद्धू का शेयर :-

 जब थक अक यक कर कुछ न मिले तो कर लो राजनीति,
अब कहेंगे गजोदर बाबू आप बीती। ठोको ताली।

राजू श्रीवास्‍तव जी, यहां आने पर आपका स्‍वागत है, मुझसे पहले कथित तौर पर आप ही टेलीविजन पर हंसाने का एक मात्र साधन हुआ करते थे, अचानक आप गायब हुए तो मैंने जगह बना ली। जनता जानना चाहती है कि आप राजनीति में अचानक कैसे आए।

देखो कपिल भैया। कोई काम धंधा तो था नहीं, जो था, वो आप छीन ले गए। अब शहर में संघर्ष कर रहे थे, गांव से बाबूजी, चच्‍चा,  लल्‍लन भैया पैसा भेजते थे, हम खाते थे। कुछ दिन पहले चच्‍चा का फोन आया, बोले बेटा मनोज तिवारी, रवि किशनवा को टिकट मिल गया, अबे हमको भी कर्ज चुकाना है। मोबाइल नेटवर्क के बारे में तो आप जानते हैं, कैसा है भारत में। फोन कट गया।

बार बार मिलाएं चच्‍चा को फोन, फोन लगा नहीं। हमने भी ठान ली। कर्ज चुकाना है,चलो राजनीति में। सोचा जो केआरके को टिकट दे सकता है, वो हमका भी टिकट देदेई सकत। बस हम यूपी पहुंच गया, वहां अखिलेश बाबू से मिले। उन्‍होंने साइकिल पर बिठा दिया।

गांव से फोन आने लगे, लेकिन फिर चच्‍चा का फोन आया। बेटा, कर्ज चुकाना है, यात्रा नहीं करनी। मैंने कहा, भूमि का कर्ज चुकाने के लिए तो समाजवादी पार्टी ज्‍वाइन की है। चच्‍चा गर्म होकर बोले, भूमि का कर्ज चुकाना है तो आम आदमी पार्टी ज्‍वाइन कर लो, अगर हमरी जमीं का कर्ज चुकाना है तो कमल पकड़, नरेंद्र मोदी जी कहते हैं कि लक्ष्‍मी कमल पर बैठती है।

जैसे ही हमे चच्‍चा की बात समझ में आई, हम साइकिल से उतरे, सीधा पहुंच गए, फूलवा पार्टी के पास। बोले हमका भूमि का कर्ज चुकाना है, भैया टिकट चाहिए। उनकी लहर भी अजब है, जो जाता है टिकट थमा देते हैं, मनो चुनाव का टिकट न हो, रामलीला का टिकट हो।

कपिल भैया टिकट से फायदा हुआ। वो कैसे हुआ गजोदर बाबू ? साल्‍ला इसके कारण हम चर्चा में आ गए। लगता है जल्‍द हमारा भी शो आएगा कॉमेडी नाइट्स विद गजोधर।

चलते चलते एक चुटकले के साथ

मार्च अंत विशेष

युवती प्रेमी से :- सप्‍ताह अंत पर क्‍या प्रोग्राम बना रहे हो ?
युवक प्रेमिका से :- इन्‍कम टैक्‍स रिटर्न्‍स
प्रेमिका प्रेमी से :- हाय, पहला पार्ट कब आया था ? मैंने तो अभी तक नहीं देखा।

मी​डिया को लेकर, जो AAP ने कहा, क्या झूठ है जरा बताएं ?

अपने विवादित बयानों से घिरे अरविंद केजरीवाल के बचाव में आम आदमी पार्टी ने मीडिया के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में प्रवक्ताओं की फौज के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मीडिया पर हमला बोला। पार्टी के प्रवक्ता मीडिया को धमकी देने वाले केजरीवाल के बयान को सही ठहराने की कोशिश करते नजर आए, तो साथ ही कुछ न्यूज चैनलों पर केजरीवाल के खिलाफ मुहिम चलाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग में शिकायत की धमकी भी दी। गौरतलब है कि केजरीवाल ने गुरुवार रात नागपुर में पार्टी के एक कार्यक्रम में मीडियावालों को जेल भेजने की धमकी दी थी,हालांकि बाद में वह अपने बयान से पलट गए थे।

दिल्ली में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी अपने चार बड़े चेहरों संजय सिंह, आशुतोष, आशीष खेतान, दिलीप पांडे के साथ मीडिया के सामने आई। आप नेता संजय सिंह ने केजरीवाल के विवादित बयान पर कहा कि मीडिया पर सवाल उठाना गलत नहीं है। उन्होंने न्यूज चैनलों इंडिया टीवी, इंडिया न्यूज, जी न्यूज, टाइम्स नाउ का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि यह आम आदमी पार्टी और केजरीवाल के खिलाफ मुहिम चलाए हुए हैं। संजय सिंह ने कहा कि पार्टी के पास इन चैनलों की फुटेज है और वे इसके खिलाफ चुनाव आयोग जाएंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी के नेता संवाददाताओं से उलझते रहे। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता और चांदनी चौक से पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष ने केजरीवाल के मीडिया सेटिंग-गेटिंग वाले विडियो पर सफाई देते हुए कहा कि एडिटर का नेता के साथ बैठना कोई गुनाह नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ होने के नाते मीडिया की जिम्मेदारी है कि वह सही खबरों को दिखाए।

आशुतोष ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का साफतौर पर कहना है कि मीडिया और न्यूज चैनलों का एक तबका मोदी का एजेंडा चला रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के बीच में एक बड़ा तबका ईमानदार भी है। उनका मानना है कि आने वाले दिनों में काम करना मुश्किल होने जा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पार्टी के नेता और नई दिल्ली पार्टी के उम्मीदवार आशीष खेतान ने भी मीडिया पर हमला बोलते हुए कहा कि मीडिया अरविंद केजरीवाल के पीछे पड़ा है। उन्होंने कहा कि आप के नाम पर चैनलों में खाली कुर्सी रख दी जाती है। 'नमो नमो' चलाया जाता है। जबकि नरेंद्र मोदी के विकास के दावों पर एक भी सवाल नहीं पूछा जाता है। गुजरात की सच्चाई नहीं दिखाई जाती है। अरविंद केजरीवाल जब लाइव बैठते हैं, तो उनसे सारे सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन मोदी से पब्लिक से जुड़े सवाल नहीं पूछे जाते हैं।

केजरीवाल से इ​सलिए नाराज!

एक थका मंदा आदमी नौकरी से घर पहुंचा। पत्नि ने ठंडे पानी का गिलास मुस्कराते हुए दिया। पति ने गिलास को पकड़ा, जैसे थका मंदा आदमी पकड़ता है। थोड़ी देर बाद पत्नि चाय लेकर आई और बोली। बड़े दिनों से मेरा मन कर रहा है कि आप एक दिन के लिए नौकरी से छुट्टी ले लेते, तो हम यहां आस पास किसी पि​कनिक वाली जगह पर घूम आते।

पति ने कहा, बॉस छुट्टी नहीं देगा। तुम को पता है कि इन दिनों मुझे ​आफिस में बहुत अधिक काम रहता है। पत्नि बोली, 365 दिनों में से सिर्फ इन्हीं दिनों काम रहता है, तो दूसरे दिन तुम क्या करते हो, अगर मुझे पहले बताया होता तो वो दिन चुन लेती, नहीं नहीं ऐसा नहीं, काम तो हर रोज रहता है। पत्नि तपाक से बोली, यही तो मैं भी कहना चाहती हूं, काम तो हर रोज रहता है, लेकिन छुट्टी तो कभी कभार ली जाती है।

नहीं, छुट्टी नहीं मिलेगी। बॉस मुझे आफिस से निकाल देगा। बाद में इतनी अच्छी जॉब भी नहीं मिलेगी। अच्छा तो यह बात है, हम से ज्यादा नौकरी प्यारी है। जब तुम दोस्त की पंचायत बिठाते हो, और अरविंद केजरीवाल को भगोड़ा कहते हो तो तब तुम को समझ नहीं आती कि उसने तो आपसे भी बड़ी कर्सी छोड़ी केवल देश में बदलाव के लिए, जो आज तक प्रधानमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार ने नहीं छोड़ी और तुम से अपनी पत्नि की खुशी के लिए बॉस की नाराजगी मोल नहीं ली जा सकती।

भगोड़ा वो नहीं तुम हो! जो अपनी सुविधा के लिए मोह पाल लेते हो, वो तो मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर फिर भाग दौड़ में लग गया, हालांकि उसको पता भी नहीं कि उसकी पार्टी लोक सभा चुनावों में टिकेगी कि नहीं, लेकिन विश्वास है कि हम लौटेंगे, अच्छे बहुमत से!

दूसरे को गाली देने से बेहतर है कि आप कुछ करने की क्षमता व विश्वास रखें। अगर काबिलयत हुई तो हजारों राहें होंगी, नहीं तो एक दिन वो भी छूट जाएगा, जो तुम्हारे पास है। यूं गुस्से में बुड़बुड़ाते हुए पत्नि वहां से निकल गई। पति सोच रहा था, सच में मैं इसको खुश नहीं कर पा रहा, तो केजरीवाल पूरे इंडिया को किस तरह खुश रख सकता है।

उसने फालूत की पंचायत करनी छोड़ दी और घर के बाहर लिखकर लगा दिया, अगर मैं नहीं कर सकता तो यह न सोचें कि कोई दूसरा भी नहीं कर सकता।



Chauraha Express 

मोदी काठमांडू सीट से लड़ेंगे !

पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधान मंत्री पद के लिए उम्मीदवार चुने गए। इस बात से देश को खुशी होनी चाहिए थी, लेकिन अफसोस के देश के भीतर राजनीतिक पार्टियां उनको रोकने के लिए चुनाव मैदान में उतर गई। बड़ी हैरानीजनक बात है, भला कोई इस तरह करता है। माना कि देश में लोकतंत्र है, लेकिन किसी की भावनायों को भी समझना लोकतंत्र का फर्ज है कि नहीं।

बेचारे मोदी कहते हैं कि भ्रष्टाचार रोको। तो विरोधी कहते हैं मोदी रोको। मोदी कहते हैं कि गरीबी रोको तो विरोधी कहते हैं मोदी रोको। कितनी नइंसाफी है। वाराणसी से चुनाव लड़ने का मन बनाया था लेकिन मुरली मनोहर जोशी कहने लगे पाप कर बैठे जो वाराणसी से लड़ बैठे।​ स्थिति ऐसी हो चुकी है कि भाजप से न तो मुरली मनोहर जोशी को पाप मुक्त करते बनता है न ही पाप का भागीदार बनाते बनता है।

राजनाथ सिंह : आप बनरास से लड़े
नरेंद्र मोदी : जीतने की क्या गारंटी है ?
राजनाथ सिंह : गारंटी चाहिए तो arise इनवेटर ले आएं।

भाई गारंटी तो चाहिए क्यूंकि मुरली मनोहर जोशी के दीवाने भी अड़चन पैदा कर सकते हैं। अंत नरेंद्र मोदी ने फैसला किया है कि वो काठमांडू से चुनाव लड़ेंगे। वहां शांति हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि वहां उनको कोई रोकने वाला भी नहीं है। सबसे सुरक्षित सीट। फिर क्या हुआ अगर काठमांडू नेपाल में है। अब भारत में तो सभी बेचारे मोदी को रोक रहे हैं, यह भी कोई लोकतंत्र है।

सही। नरेंद्र मोदी को काठमांडू से चुनाव लड़ना चाहिए।